परीक्षा में मार्क्स बढ़ाने के उपाय – Tips for exam preparation

परीक्षा का समय नजदीक आते ही हमारे दिल और मन में एक अजीब सा डर बन जाता है और आप सोचने लग जाते है की आखिर पेपर कैसा आएगा , हार्ड होगा या इजी , मेने जो तयारी करी है क्या वो एग्जाम के लिए प्रयाप्त है और इस तरह की कई और बातें आपके जहन में आने लगती है .

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Tips to increase marks in exam - Tips for exam preparation
Tips to increase marks in exam - Tips for exam preparation

दोस्तों अगर आप एक स्टूडेंट है और आपके भी परीक्षा शुरू हो गयी है या आपकी परीक्षा का समय नजदीक आ गया है तो ये आर्टिकल आपके लिए है . परीक्षा का समय नजदीक आते ही हमारे दिल और मन में एक अजीब सा डर बन जाता है और आप सोचने लग जाते है की आखिर पेपर कैसा आएगा , हार्ड होगा या इजी , मेने जो तयारी करी है क्या वो एग्जाम के लिए प्रयाप्त है और इस तरह की कई और बातें आपके जहन में आने लगती है .

अगर सीधे शब्दों में कहें तो आप अपने आप को जज करना स्टार्ट कर देते है . अपने आप को जज करना सही है लेकिन अपने आप को परखते समय अपने अन्दर डर बना लेना बिलकुल सही नही है . परीक्षा के समय आपका मन स्थिर होना चाहिए और एग्जाम को लेकर डराने वाली बातों को दूर रखना चाहिए.अगर आप ऐसा करते है तो आप अपनी क़ाबलियत से भी अच्छा परफोर्मे कर पाएंगे.

एग्जाम का दिन ऐसा समय होता है जब हम कुछ ज्यादा नही कर सकते केवल उसके जो एग्जाम के दिन के पहले हमने किया उसको अच्छे से एग्जाम पेपर पर उतारने के . अक्सर मेने देखा है की कई स्टूडेंट एग्जाम की तैयारी अच्छे से करते है लेकिन एग्जाम एक दिन अच्छा नही कर पाते और अनेक प्रकार की गलतियाँ कर देते है .

तो आप निचे बताये गए इन टिप्स को अपना कर आप पूरा तो नही लेकिन 10 – 15 प्रतिशत तक आपके मार्क्स बढ़ा सकते है .

परीक्षा में होना है सफल तो अपनाये ये उपाय – tips for exam preparation

1.निश्चित समय अन्तराल पर अपने आप को परखें-

अगर आप इस नियम का नियमित पालन करते है तो आपकी आधी समस्या ख़त्म हो जाएगी .आप अपनी स्टडी के लिए इस तरह अभ्यास कर सकते है . इसके लिए आपको एक निश्चित अन्तराल में कुछ निर्धारित प्रश्न तैयार कर उसका टेस्ट लेना चाहिए . और इसमें आप अपने दोस्तों और मास्टर्स की भी मदद ले सकते है . आप इस टेस्ट के लिए एक सप्ताह या 10 दिन या 15 दिन का समय निर्धारित कर सकते है और इस समय के बिच हुए अध्यन का टेस्ट लेकर अपने आप को बेहतर बना सकते है . कुछ समय बाद आपको खुद इसका नतीजा देख पाएंगे . ये नियम अपनाकर आप आगे बढ़ेंगे तो आपको खुद आपकी कई गलतियाँ नज़र आएगी जिसे आप समय रहते सुधार पाओगे .

2.परीक्षा के आखिरी दिनों की पढाई पर निर्भर ना रहे –

अक्सर देखा गया है की छात्र ये सोचकर चिंतामुक्त हो जाता है की अभी तो उसके पास बहुत टाइम है एग्जाम को आने में अभी बहुत समय है और वो अध्ययन से बचता रहता है . या फिर पढाई को कल पर छोड़ता रहता है और एक एक करके उसके दिन निकलते जाते है और एग्जाम का समय नजदीक आ जाता है . एग्जाम के पास आते ही वो दबाव में आता है और मन में डर उत्पन्न कर लेता है .इस कारन उस समय वो अच्छे से तयारी नही कर पाता और एग्जाम में फ़ैल हो जाता है या क़ाबलियत के हिसाब से मार्क्स नही ला पता . इसलिए प्रारंभ से ही अपने विषयों पर मन लगाकर तयारी करनी चाहिए . कोई भी एक साल के सिलेबस को अंतिम कुछ दिनों में कवर नही सकता है . आप पहले से ही नियमित अध्ययन कर रहे है तो आखरी में आप पर प्रेशर भी नही आएगा और अच्छे से मन लगाकर परीक्षा में लिख सकेंगे.

3.एक बार में एक ही काम को करने की आदत डाले –

अगर आपको आपको अध्ययन के लिए अपनी सिटींग टाइम बढ़ाना है तो नियम आपके लिए कारगर साबित होगा .इससे अच्छा ध्यान को केन्द्रित करने का कोई उपाय नही है .इसके लिए आपको अपने टाइम को बाटना होगा. आप इसे 60-60 मिनट के भागों में बात सकते है .अगर 60 मिनट आपको ज्यादा लगता है तो 15 मिनट से भी आप इसकी शुरुआत कर सकते है . इस समय में आपको केवल एक ही बुक और उससे रिलेटेड नोट्स ही पढना है . इससे आपका ध्यान भी केन्द्रित होगा और ज्यादा समय तक बैठ के पढने में भी मदद मिलेगी . इस तरीके से आपको याद करने में भी आसानी होगी .

4.एग्जाम के अंतिम दिनों केवल रिविजिन करें –

अक्सर आपने देखा होगा की 80% ; छात्र या छात्राएं परीक्षा के कुछ दिन पहले अपना अध्ययन शुरू करते है . इस समय उन पर पहले से ही दो चीज़े दबाव बन चुकी होती है , पहला एग्जाम जो की अब बहुत पास आ चूका होता है और दूसरा कुछ दिनों में ही पुरे साल का सिलबस कवर करना होता है जो की नामुमकिन होता है . इसलिए पढाई हमें शुरू से ही करनी चाहिए और परीक्षा के आखिर के दिनों में पहले पढ़े हुए कोर्स का रिवीजन ही करना चाहिए . ऐसा करने से हमारी हर विषय पर अच्छे से पकड़ बनेगी और अच्छे से एग्जाम में स्कोर कर पाएंगे .

5.शारीरिक सक्रियता भी बहुत जरुरी है –

अगर आप में शारीरिक सक्रियता है तो आसानी से अपनी मानसिक अवस्था को बदल सकते है .ऐसा अक्सर हमारे साथ होता है की हम ज्यादा पढने के चक्कर में शारीरिक गतिविधिओं पर ध्यान नही देते और घंटों एक स्थान पर बैठ कर पढ़ते रहते है और ना ही व्यायाम पर ध्यान देते है . लेकिन आपको बता दे पढना जितना जरुरी है उतना शारीरिक व्यायाम भी महत्वपूर्ण है .इससे मानसिक अवस्ता दुरुस्त होती है . तो दिन में 20-30 मिनट खेलना , चलना और योग करना चाहिए .

6. काम में रेगुलरटी –

अगर आप सोच्रते है की सप्ताह के 3 दिन में खूब पढू और 3 दिन फिर मस्ती करूँ तो आपका ये फार्मूला आपको ज्यादा अच्छे मार्क्स नही दिला पायेगा . कई रिसर्च में सामने आया है कि रेगुलर स्टडी करने वाले बच्चों के रिजल्ट टाइम पर ज्यादा अच्छे परिणाम सामने आये है . तो हमे पढाई में रेगुलरटी लानी होगी .

7.परीक्षा से ना डरें –

जैसे – जैसे परीक्षा का समय नजदीक आता है तो एक अजीबो – गरीब डर मन में उत्पन्न हो जाता है जिक्से चलते हम अपने ऊपर दबाव ले लेते है साथ ही तनाव भी महसूस करने लगते है .परीक्षा एक स्थिति मात्र है जिसका सामना हमे जिंदगी हर मोड़ पर करना होता है . तो इससे डील करने के लिए हमे प्रिपैर रहना चाहिए . कोई भी एग्जाम ऐसा नही जो आपकी पूर्ण क्षमताओं को बाहर ला सके .आपकी अन्दर की क्षमताओं को आप ही पह्चानर बहार ला सकते है. ये आपको बताना होता है की आप क्या क्या करने में क्षक्षम है और ये ही आपकी तैयारी को बताता है की आप कितने तैयार है . इसलिए आपको परीक्षा से मित्रता कर लेनी चाहिए .

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