भारत सरकार ने इन 5 वजह से किया 59 chinese apps को बैन

गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केंद्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक की है। सरकार ने अलग अलग तरीके के 59 मोबाइल एप्स को देश की संप्रभुता अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह रखने वाले बताते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया।

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भारत सरकार ने इन 5 वजह से किया 59 chinese apps को बैन
भारत सरकार ने इन 5 वजह से किया 59 chinese apps को बैन

भारत सरकार ने इन 5 वजह से किया 59 chinese apps को बैन – Government of India gave 5 reasons, due to which 59 chinese apps were banned

गलवान घाटी पर भारत और चीन के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार को केंद्र सरकार ने चीन पर डिजिटल सर्जिकल स्ट्राइक की है। सरकार ने अलग अलग तरीके के 59 मोबाइल एप्स को देश की संप्रभुता अखंडता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह रखने वाले बताते हुए उन पर प्रतिबंध लगा दिया। इन 59 चीनी एप्स (59 chinese apps ) के लिस्ट में टिक-टॉक tik – tok ) , हेलो (helo),यूसी ब्राउजर (uc browser), और शेयर इट (share it) जैसी बड़ी एप्स भी शामिल है।

इन एप्स को बेन (Ban) करने के पीछे सरकार ने वैसे तो कई कारण बताए हैं जिसमें से एक मुख्य कारण जो सरकार ने बताया वह यह है कि इन चाइनीस एप्स (chinese apps) के सर्वर भारत से बाहर मौजूद है। जिसके कारण यह एप्स यूजर्स के डेटा को चुरा रहे है। जिससे देश की एकता और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस कारण सरकार ने इन 59 एप्स को बैन करने का फैसला लिया। भारत सरकार ने इन चीनी एप्स पर बैन लगाने की 5 वजह बताई है।

1. सुरक्षा संप्रभुता और एकता को खतरा –

भारत सरकार ने इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के सेक्शन 69 ए के तहत इन चीनी एप्स को बैन करने का फैसला लिया है। सरकार के अनुसार इन एप्स की कार्यप्रणाली से भारत की सुरक्षा संप्रभुता और एकता को खतरा हो सकता है।

2. डेटा चोरी –

सूचना मंत्रालय को इन एप्स के लिए शिकायतें मिली है कि इन ऐप्स का एंड्रॉयड और आईओएस प्लेटफॉर्म पर गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। यह एप्स इन एप्स को यूज करने वाले यूजर्स के डाटा को चुपके से चोरी कर और भारत के बाहर मौजूद सर्वर पर भेज रहे थे।

3. सिक्योरिटी और डिफेंस –

सुरक्षा की दृष्टि से भारत की सिक्योरिटी और डिफेंस के लिए जो डाटा संग्रहित किए गए हैं यदि वह डाटा दुश्मनों के पास पहुंच जाते हैं तो यह चिंतनीय है। इसके लिए हर वह संभव प्रयास किया जाना जरूरी था जो जो इन एप्स को बंद बंद करके किया गया है।

4. कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम को भी इन एप्स के द्वारा डाटा चोरी होने की शिकायत मिली और प्राइवेसी के खतरे की शिकायत मिली।

5. जनता की मांग –

देश में पहले से ही इन एप्स को लेकर चिंताएं जाहिर की जा चुकी थी संसद के अंदर भी इन एप्स को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई। साथ ही भारत की जनता ने भी इन एप्स के खिलाफ शिकायत की और एक्शन लेने की मांग की। क्योंकि यह नागरिकों की प्राइवेसी के लिए खतरा है।