ब्युबोनिक प्लेग वायरस (bubonic plague virus) को लेकर चीन में अलर्ट जारी

ब्युबोनिक प्लेग वायरस - जहाँ पूरा विश्व कोरोना जैसी भयानक महामारी से उबर नही पाया है , और पूरी दुनिया में तबाही का माहौल बना हुआ है। वहीँ चीन में एक और भयानक वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। चाइना में शनिवार को ब्युबोनिक प्लेग वायरस का एक केस मिला है , जिसने सभी देशों की चिंता और बढ़ा दी है।

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ब्युबोनिक प्लेग वायरस (bubonic plague virus) के संक्रमण लेकर चीन में अलर्ट जारी
ब्युबोनिक प्लेग वायरस (bubonic plague virus) के संक्रमण लेकर चीन में अलर्ट जारी

ब्युबोनिक प्लेग वायरस (bubonic plague virus) को लेकर चीन में अलर्ट जारी किया गया

ब्युबोनिक प्लेग वायरस – जहाँ पूरा विश्व कोरोना जैसी भयानक महामारी से उबर नही पाया है , और पूरी दुनिया में तबाही का माहौल बना हुआ है। वहीँ चीन में एक और भयानक वायरस को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। चाइना में शनिवार को ब्युबोनिक प्लेग वायरस का एक केस मिला है , जिसने सभी देशों की चिंता और बढ़ा दी है। इससे पहले भी 2019 में भी इसके 4 केस मिल चुके थे। आपको बता दें कि ये वायरस चूहों के द्वारा फैलता है। यह बहुत ही तेजी से फैलता है और बहुत ज्यादा संक्रामक है और अधिकतर केसेस में जान लेवा होता है।

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क्या है ब्युबोनिक प्लेग ?

WHO के अनुसार ब्युबोनिक किसी संक्रमित पिस्सू के काटने से फैलता है। यह लिम्फेटिक सिस्टम के जरिये शरीर में एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाता है। इस वायरस से संक्रमित होने से शरीर में बहुत अधिक दर्द होता है क्योंकि लिम्फ नोड में सुजन आ जाती है। जब यह अपने चरम पर होता है तो लसीका ग्रीवा (लिम्फ नोड्स) दर्दनाक घाव हो जाते है। इसका एक इन्सान से दुसरे में फैलने के चांस बहुत कम होते है।

ब्युबोनिक -कैसे फैलता है इसका संक्रमण –

यह रोग किसी संक्रमित चूहे (पिस्सू , चक्चुन्दर ) के काटने से फैलता है। इसके एक इन्सान से दुसरे में फैलने के चांस बढ़ जाते है यदि संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकले तरल के संपर्क में आता है। इसके अलावा न्युमानिक द्वारा संक्रमित इन्सान के ट्रॉपलेट्स से एक इन्सान से दुसरे में प्रवेश करता है।

ब्युबोनिक प्लेग वायरस कितना है खतरनाक –

ब्युबोनिक प्लेग एक सामान्य प्लेग है। इससे एक इन्सान से दुसरे इन्सान में संक्रमण के चांसेस कम होते है। लेकिन न्युमानिक प्लेग में बदलने के बाद यह संक्रमण फ़ैल सकता है। ब्युबोनिक की मृत्यु दर 40 -60 तक है। इन दोनों प्लेग में यदि समय पर ट्रीटमेंट मिल जाता है तो रिकवरी के चांसेस अच्छे होते है।